Mardaani 3 Review: रानी मुखर्जी का Comeback या Franchise का End? Police vs Villain फिर वही खेल?

Mardaani 3 Review: मर्दानी 3 ने सबसे बड़ा Chance खो दिया

नमस्ते, मेरा नाम Sachin है।
और आज बात करेंगे Mardaani 3 की — एक ऐसी फिल्म, जो सवाल भी उठाती है और खुद ही उनके जवाब में फिसल भी जाती है।

आपने एक कहावत ज़रूर सुनी होगी – तीन बिगाड़ा काम बिगाड़ा। लेकिन क्या ये कहावत फिल्मों पर भी लागू होती है? खासकर तब, जब Rani Mukerji जैसी दमदार एक्ट्रेस एक बार फिर कमबैक कर रही हों। Mardaani और Mardaani 2 के बाद तीसरी फिल्म आती है, वही खून खौलाने वाला सब्जेक्ट लेकर – एक नारी सब पे भारी, और अगर बुरी नज़र डाली तो आंखें निकलवानी। सुनने में सब कुछ पावरफुल लगता है, लेकिन असली सवाल यही है कि… क्या इस बार कुछ नया मिलेगा? या फिर ये भी स्पाई यूनिवर्स की तरह एक और फ्रेंचाइज़ बनकर भावनाओं में बह जाएगी?

Mardaani 3 Review
Mardaani 3 Review

फिल्म का एक डायलॉग मुझे सच में सबसे ज़्यादा स्ट्रॉन्ग लगा, जब एक विलेन पुलिस से कहता है – “हम जैसे तो फिर भी 100–200 हैं, लेकिन वर्दी में तुम 80,000 हो। सबसे बड़ा माफिया बनने को तैयार।” यही लाइन पूरे Mardaani Universe का कोर है — Police vs Villain, और हर बार ऐसा विलेन लाना जो फिल्म को बेच सके। यहां मामूली चेहरे नहीं होते, बल्कि छुपे हुए खजाने बाहर लाए जाते हैं।

इस बार कहानी शुरू होती है एक बड़े साहब की अमीर बेटी के किडनैप से, लेकिन ट्विस्ट ये है कि उसी केस के साथ एक गरीब आदमी के घर की इज्जत भी चली जाती है। Two kidnappings in one case. अब सोचने वाली बात ये है कि क्या पुलिस बचाने में भी क्लास डिफरेंस करती है, या फिर इंसान को इंसान समझकर सेम मकसद से लड़ेगी?

Arijit Singh Retirement? Arijit Singh का Shocking Decision!

Shivani Roy की यूनिफॉर्म पर एक और दाग तब लगता है, जब उसकी आंखों के सामने से एक बाप की बेटी छीन ली जाती है। यहीं से चूहे-बिल्ली का खेल शुरू होता है। लेकिन सबसे बड़ा तमाचा तब पड़ता है जब पता चलता है कि ये सब कराने वाली खुद को “अम्मा” कहलवाती है — जो जवान बच्चियों का अंतिम संस्कार तक अपने हाथों से करवाती है। पुलिस, विलेन और एक मिसिंग केस — सुनने में ये सब कुछ Mardaani 1 और 2 जैसा ही लगता है। तो फिर अलग क्या है?

यहां एक interesting point आता है। पहली बार ऐसा दिखाया गया है कि हर गायब होने वाली बच्ची का अपहरण उसकी उम्र देखकर किया गया है। लड़कियों का शरीर नहीं, कुछ और ही बेचा जाना है। ट्रेलर में जो दिखाया-सुनाया गया है, उस पर पूरी तरह भरोसा मत करना दोस्त। कई बार जो आंखों से दिखता है, वो सच नहीं होता — बस सच बनने का नाटक करता है। जिसे आप विलेन समझ रहे हो, वो अधूरा सच है। पूरा सच ऐसा चेहरा लेकर आएगा, जिसके लिए ना Rani Mukerji तैयार हैं, ना ऑडियंस।

Vadh 2 Trailer Review: Justice ya Revenge? Sanjay Mishra ka Intense Look ने Goosebumps दे दिए!

फिल्म में Janki भी है, और अगर आपने उसे पहचान नहीं पाया, तो फिर आपने सिनेमा ठीक से देखा ही नहीं। Vash के वश से तो Ajay Devgn भी नहीं बच पाए थे — आपने कैसे मिस कर दिया?

अब आते हैं सीधे-सपाट रिव्यू पर।
हर फिल्म ज़रूरी नहीं कि थिएटर में ही रिलीज़ हो। Mardaani 3 एक perfect OTT release है। वहां ये अपनी ऑडियंस ढूंढ लेती, और लोग इसे दिल खोलकर सराहते भी। लेकिन थिएटर वाला एक्सपीरियंस यहां बिल्कुल नहीं मिलता। आजकल Crime Patrol और CID जैसे शोज़ के एक एपिसोड में जितना थ्रिल, क्राइम और सस्पेंस मिल जाता है, लगभग वही क्वालिटी और क्वांटिटी यहां भी है।

Battle of Galwan Re-Shoot Update: Salman Khan क्यों कर रहे हैं Extra Action Shoot?

इस फ्रेंचाइज़ की USP हमेशा से उसके villains रहे हैं। ट्रेलर देखकर लगा था कि इस बार हैट्रिक लगेगी, लेकिन सेकंड हाफ आते-आते अम्मा एकदम बकरी जैसी बेचारी बन जाती है। फिल्म खराब नहीं है, पर अलग भी नहीं है। वही पुराना माल, नए पैकेट में डालकर बेच दिया गया है।

Mardaani 3 Trailer

सबसे दुख की बात ये है कि Rani Mukerji के कमबैक को वेस्ट कर दिया गया। ना कोई बड़ा ट्विस्ट, ना कोई छुपा हुआ सस्पेंस। अच्छे एक्टर्स को खुलकर खेलने का मौका तक नहीं मिला। Mardaani 3 ने कहीं ना कहीं अपनी खुद की रिस्पेक्ट भी डुबो दी।

Mardaani इंटेलिजेंट थी, Mardaani 2 खूंखार हो गई थी, लेकिन Mardaani 3 का क्लाइमेक्स पूरी तरह प्रेडिक्टेबल है और ज़ीरो इंपैक्ट छोड़ता है। Rani Mukerji के एक्शन को भी मज़ाक बना दिया गया है। जब Delhi Crime जैसे शोज़ लेवल इतना ऊपर ले जा चुके हैं, तब यहां सब कुछ फीका लगता है।

Conclusion: Mardaani 3 Review

मुझे नहीं लगता YRF अपने कॉप यूनिवर्स को ऐसे आगे बढ़ा सकता है। बहुत जल्दी उन्हें नया केस, नया सब्जेक्ट और नया टैलेंट ढूंढना पड़ेगा। मेरी तरफ से फिल्म को मिलते हैं 5 में से 2 स्टार — एक Rani Mukerji के लिए, और दूसरा no-nonsense storytelling के लिए, जहां बिना टाइम वेस्ट किए सीधा कहानी पर फोकस रखा गया है।

Negatives साफ हैं – predictable story, अच्छे एक्टर्स की बर्बादी और क्लाइमेक्स में जीरो इमोशन्स। Tiger, Pathaan, Kabir और अब Mardaani — बात यहां तक नहीं पहुंचनी चाहिए थी। अब YRF को फिर से रिस्टार्ट करना पड़ेगा, ऑडियंस के लिए कुछ नया ढूंढना पड़ेगा।

FAQ:

Q1. क्या Mardaani 3, Mardaani 1 और 2 से बेहतर है?
नहीं। Mardaani 3 न तो Mardaani जितनी intelligent है और न ही Mardaani 2 जितनी intense। फिल्म ठीक है, लेकिन कोई नया benchmark set नहीं करती।

Q2. क्या Mardaani 3 theatre में देखना worth है?
अगर आप big-screen thrill expect कर रहे हैं, तो disappoint हो सकते हैं। ये फिल्म OTT platform पर ज़्यादा suit करती है।

Q3. Mardaani 3 की सबसे बड़ी ताकत क्या है?
फिल्म की सबसे बड़ी strength अब भी इसका subject और concept है, साथ ही Rani Mukerji की serious screen presence।

Q4. क्या Mardaani 3 में कोई बड़ा twist या shock factor है?
Trailer के मुकाबले film में कोई major twist नहीं है। कहानी काफी हद तक predictable रहती है, खासकर second half में।

Q5. Mardaani 3 देखने किस audience को जाना चाहिए?
अगर आपको crime thriller, police investigation और women-centric stories पसंद हैं, तो आप इसे एक बार try कर सकते हैं — लेकिन expectations कम रखें।

Spread the love

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top